Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.78.5-6: तब सभी कन्याएँ एक साथ जल से बाहर आईं और पास में रखे अपने-अपने वस्त्र उठाने लगीं। उस मिलन में शर्मिष्ठा ने देवयानी के वस्त्र ले लिए। शर्मिष्ठा वृषपर्वा की पुत्री थी; उसे यह पता नहीं था कि दोनों के वस्त्र आपस में मिल गए हैं। | mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब सभी कन्याएँ एक साथ जल से बाहर आईं और पास में रखे अपने-अपने वस्त्र उठाने लगीं। उस मिलन में शर्मिष्ठा ने देवयानी के वस्त्र ले लिए। शर्मिष्ठा वृषपर्वा की पुत्री थी; उसे यह पता नहीं था कि दोनों के वस्त्र आपस में मिल गए हैं।
Then all the girls came out of the water together and started taking their various clothes which were kept nearby. In that mingling Sharmishtha took Devayani's clothes. Sharmishtha was the daughter of Vrishparva; she did not know that the clothes of both had got mixed up. 5-6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥