Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.78.4: वह वन चैत्ररथ नामक देव उद्यान के समान सुन्दर था। वे कन्याएँ वहाँ जल में क्रीड़ा कर रही थीं। इन्द्र ने वायु का रूप धारण करके उनके सारे वस्त्रों को आपस में मिला दिया। | mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह वन चैत्ररथ नामक देव उद्यान के समान सुन्दर था। वे कन्याएँ वहाँ जल में क्रीड़ा कर रही थीं। इन्द्र ने वायु का रूप धारण करके उनके सारे वस्त्रों को आपस में मिला दिया।
That forest was as beautiful as the garden of gods called Chaitrarath. Those girls were playing in the water there. Indra took the form of the wind and mixed up all their clothes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥