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mahabharat 1.78.16: वहाँ उसने अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी एक कन्या देखी, जो देवी के समान सुन्दर थी। उसे देखते ही राजा ने उससे पूछा।   |   mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.78.16 
ददर्श राजा तां तत्र कन्यामग्निशिखामिव।
तामपृच्छत् स दृष्ट्वैव कन्याममरवर्णिनीम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ उसने अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी एक कन्या देखी, जो देवी के समान सुन्दर थी। उसे देखते ही राजा ने उससे पूछा।
 
There he saw a girl as radiant as the flame of fire, who was as beautiful as a goddess. As soon as the king saw her, he asked her.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)