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mahabharat 1.78.14: वह क्रोधित थी और देवयानी को देखे बिना ही घर लौट गई। इसके बाद नहुष के पुत्र ययाति उस स्थान पर आए।   |   mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.78.14 
अनवेक्ष्य ययौ वेश्म क्रोधवेगपरायणा।
अथ तं देशमभ्यागाद् ययातिर्नहुषात्मज:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वह क्रोधित थी और देवयानी को देखे बिना ही घर लौट गई। इसके बाद नहुष के पुत्र ययाति उस स्थान पर आए।
 
She was in a fit of anger and so she returned home without looking at Devayani. Thereafter Yayati, son of Nahusha, came to that place.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)