श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 77: देवयानीका कचसे पाणिग्रहणके लिये अनुरोध, कचकी अस्वीकृति तथा दोनोंका एक-दूसरेको शाप देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.77.22 
तमागतमभिप्रेक्ष्य देवा इन्द्रपुरोगमा:।
बृहस्पतिं सभाज्येदं कचं वचनमब्रुवन्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उसे आते देख इन्द्र आदि देवता बृहस्पति के समक्ष प्रकट हुए और उनसे ये वचन कहे ॥22॥
 
Seeing him coming, the gods like Indra etc. appeared before Brihaspati and spoke these words to him. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)