Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.76.d1: जब गुरु ने अपनी विद्या का प्रयोग करके उसे बुलाया तो उसके पेट में बैठा कच्छ भयभीत हो गया और धीरे से बोला।   |   mahabharat अध्याय 1.76: कचका शिष्यभावसे शुक्राचार्य और देवयानीकी सेवामें संलग्न होना और अनेक कष्ट सहनेके पश्चात् मृतसंजीवनी विद्या प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 76: कचका शिष्यभावसे शुक्राचार्य और देवयानीकी सेवामें संलग्न होना और अनेक कष्ट सहनेके पश्चात् मृतसंजीवनी विद्या प्राप्त करना  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  1.76.d1 
(गुरोर्हि भीतो विद्यया चोपहूत:
शनैर्वाक्यं जठरे व्याजहार।
 
 
अनुवाद
जब गुरु ने अपनी विद्या का प्रयोग करके उसे बुलाया तो उसके पेट में बैठा कच्छ भयभीत हो गया और धीरे से बोला।
 
When the guru called him using his knowledge, then Kachha sitting in his stomach became frightened and spoke softly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)