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mahabharat 1.76.40: इस प्रकार ब्राह्मण कन्या के पूछने पर कचना ने उसे अपनी मृत्यु का समाचार सुनाया। तत्पश्चात, एक दिन अचानक देवयानी ने कचना से पुष्प लाने को कहा।   |   mahabharat अध्याय 1.76: कचका शिष्यभावसे शुक्राचार्य और देवयानीकी सेवामें संलग्न होना और अनेक कष्ट सहनेके पश्चात् मृतसंजीवनी विद्या प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 76: कचका शिष्यभावसे शुक्राचार्य और देवयानीकी सेवामें संलग्न होना और अनेक कष्ट सहनेके पश्चात् मृतसंजीवनी विद्या प्राप्त करना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  1.76.40 
हतोऽहमिति चाचख्यौ पृष्टो ब्राह्मणकन्यया।
स पुनर्देवयान्योक्त: पुष्पाहारो यदृच्छया॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार ब्राह्मण कन्या के पूछने पर कचना ने उसे अपनी मृत्यु का समाचार सुनाया। तत्पश्चात, एक दिन अचानक देवयानी ने कचना से पुष्प लाने को कहा।
 
In this manner, when the Brahmin girl asked, Kachana told her about his death. Thereafter, one day suddenly Devayani asked Kachana to bring flowers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)