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श्लोक 1.76.30  |
सा दृष्ट्वा रहिता गाश्च कचेनाभ्यागता वनात्।
उवाच वचनं काले देवयान्यथ भारत॥ ३०॥ |
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| अनुवाद |
| जनमेजय! जब देवयानी ने देखा कि गौएँ वन से लौट आई हैं, परन्तु कच उनके साथ नहीं है, तब वह अपने पिता से इस प्रकार बोली। |
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| Janamejaya! When Devayani saw that the cows had returned from the forest but Kacha was not with them, she spoke to her father as follows. 30. |
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