श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  1.75.56 
त्वया दायादवानस्मि त्वं मे वंशकर: सुत:।
पौरवो वंश इति ते ख्यातिं लोके गमिष्यति॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
'पुत्र! मुझे तुम्हारे जैसा पुत्र प्राप्त हुआ है। तुम मेरे वंश के आदि पुत्र हो। तुम्हारा वंश इस लोक में पौरव वंश के नाम से प्रसिद्ध होगा। 56॥
 
'Son! I am blessed with a son like you. You are my lineage-starting son. Your dynasty will be famous in this world by the name of Paurav dynasty. 56॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd