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mahabharat 1.75.55: राजा ने पुरु की जवानी उसे लौटाकर उसे राजा पद पर अभिषिक्त किया और जीवन के सुखों से असंतुष्ट होकर अपने पुत्र पुरु से कहा -॥55॥   |   mahabharat अध्याय 1.75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  1.75.55 
दत्त्वा च यौवनं राजा पूरुं राज्येऽभिषिच्य च।
अतृप्त एव कामानां पूरुं पुत्रमुवाच ह॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
राजा ने पुरु की जवानी उसे लौटाकर उसे राजा पद पर अभिषिक्त किया और जीवन के सुखों से असंतुष्ट होकर अपने पुत्र पुरु से कहा -॥55॥
 
Having restored Puru's youth to him, the king anointed him as the king, and being dissatisfied with the pleasures of life, he said to his son Puru -॥ 55॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)