श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.75.5 
तेभ्य: प्राचेतसो जज्ञे दक्षो दक्षादिमा: प्रजा:।
सम्भूता: पुरुषव्याघ्र स हि लोकपितामह:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उक्त दस प्रचेतसों से (मारिषा के गर्भ से) प्रचेतस दक्ष उत्पन्न हुए और दक्ष से ये सब प्रजाएँ उत्पन्न हुईं। हे पुरुषश्रेष्ठ! वे सम्पूर्ण जगत के पितामह हैं। 5॥
 
From the said ten Prachetas (from the womb of Marisha) Prachetas Daksha was born and from Daksha all these subjects were born. Male best! He is the grandfather of the entire world. 5॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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