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mahabharat 1.75.47: तत्पश्चात्, जो कोई भी राजा नहीं था, तथा सिंह के समान बलवान था, वह महान राजा ययाति एक हजार वर्ष तक युवा रहा।   |   mahabharat अध्याय 1.75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  1.75.47 
ततो वर्षसहस्राणि ययातिरपराजित:।
स्थित: स नृपशार्दूल: शार्दूलसमविक्रम:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, जो कोई भी राजा नहीं था, तथा सिंह के समान बलवान था, वह महान राजा ययाति एक हजार वर्ष तक युवा रहा।
 
Thereafter Yayati, the great king who was undefeated by anyone and as powerful as a lion, remained in his youth for a thousand years. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)