Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.75.43-44: राजा के ऐसा कहने पर भी यदु सहित उनके चारों पुत्र उनकी वृद्धावस्था को सहन न कर सके। तब सबसे छोटे पुत्र सत्यपराक्रम पुरु ने कहा, "हे राजन! आप मेरे नए शरीर को धारण करके युवा हो जाएँ और सुख भोगें। आपकी अनुमति से मैं वृद्धावस्था धारण करके राज्य के सिंहासन पर बैठूँगा।" | mahabharat अध्याय 1.75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते न तस्य प्रत्यगृह्णन् यदुप्रभृतयो जराम्।
तमब्रवीत् तत: पूरु: कनीयान् सत्यविक्रम:॥ ४३॥
राजंश्चराभिनवया तन्वा यौवनगोचर:।
अहं जरां समादाय राज्ये स्थास्यामि तेऽऽज्ञया॥ ४४॥
अनुवाद
राजा के ऐसा कहने पर भी यदु सहित उनके चारों पुत्र उनकी वृद्धावस्था को सहन न कर सके। तब सबसे छोटे पुत्र सत्यपराक्रम पुरु ने कहा, "हे राजन! आप मेरे नए शरीर को धारण करके युवा हो जाएँ और सुख भोगें। आपकी अनुमति से मैं वृद्धावस्था धारण करके राज्य के सिंहासन पर बैठूँगा।"
Even after the king said this, his four sons including Yadu could not bear his old age. Then the youngest son, Satyaparakram Puru said, 'O King! You become young with my new body and enjoy the pleasures. With your permission, I will take old age and sit on the throne of the kingdom.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥