श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  1.75.42 
मामकेन शरीरेण राज्यमेक: प्रशास्तु व:।
अहं तन्वाभिनवया युवा काममवाप्नुयाम्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
तुममें से कोई मेरा पुराना शरीर लेकर उससे राज्य चलाए और मैं नया शरीर पाकर युवा होकर जीवन के सुख भोगूँगा॥ 42॥
 
'One of you should take my old body and rule the kingdom using it. I will get a new body and enjoy the pleasures of life as a youth.'॥ 42॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd