श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  1.75.40 
ययातिरब्रवीत् तं वै जरा मे प्रतिगृह्यताम्।
यौवनेन त्वदीयेन चरेयं विषयानहम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
तब ययाति ने उससे कहा, "तुम मेरी वृद्धावस्था ले लो और मैं तुम्हारी युवावस्था के भोगों का आनंद लूंगा।"
 
Then Yayati said to her, "You take my old age and I will enjoy your youthful sensual pleasures."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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