श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.75.39 
तं पुत्रो दैवयानेय: पूर्वजो वाक्यमब्रवीत्।
किं कार्यं भवत: कार्यमस्माकं यौवनेन ते॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर देवयानी के ज्येष्ठ पुत्र यदु ने पूछा, "हे प्रभु! आप हम युवाओं को साथ लेकर क्या कार्य करना चाहते हैं?"
 
On hearing this, Devayani's eldest son Yadu asked, "O Lord! What work do you want to do by taking our youth with you?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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