श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  1.75.38 
यौवनेन चरन् कामान् युवा युवतिभि: सह।
विहर्तुमहमिच्छामि साह्यं कुरुत पुत्रका:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
'पुत्रो! मैं युवावस्था प्राप्त करके युवतियों का संग करना चाहता हूँ। कृपया मेरी सहायता करो।'॥38॥
 
'Sons! I want to enjoy the company of young women after attaining youthful age. Please help me.'॥ 38॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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