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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन
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श्लोक 35
श्लोक
1.75.35
देवयान्यामजायेतां यदुस्तुर्वसुरेव च।
द्रुह्युश्चानुश्च पूरुश्च शर्मिष्ठायां च जज्ञिरे॥ ३५॥
अनुवाद
यदु और तुर्वसु- ये दोनों देवयानी के पुत्र थे और द्रुह्यु, अनु और पुरु- ये तीनों शर्मिष्ठा के गर्भ से उत्पन्न हुए थे ॥35॥
Yadu and Turvasu—these two were the sons of Devayani and Druhyu, Anu and Puru—these three were born from the womb of Sharmistha. 35॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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