श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.75.32 
ययातिर्नाहुष: सम्राडासीत् सत्यपराक्रम:।
स पालयामास महीमीजे च बहुभिर्मखै:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् नहुष के दूसरे पुत्र महाबली ययाति सम्राट हुए और उन्होंने इस पृथ्वी का पालन किया तथा अनेक यज्ञ किये ॥32॥
 
Then Nahusha's second son, the mighty Yayati, became the emperor. He maintained this earth and performed many yagyas. 32॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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