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mahabharat 1.75.18: परन्तु हमने सुना है कि आन्तरिक फूट के कारण वे सब नष्ट हो गये। तत्पश्चात् उसी कन्या के गर्भ से विद्वान पुरुरवा का जन्म हुआ।   |   mahabharat अध्याय 1.75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 75: दक्ष, वैवस्वत मनु तथा उनके पुत्रोंकी उत्पत्ति; पुरूरवा, नहुष और ययातिके चरित्रोंका संक्षेपसे वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.75.18 
अन्योन्यभेदात् ते सर्वे विनेशुरिति न: श्रुतम्।
पुरूरवास्ततो विद्वानिलायां समपद्यत॥ १८॥
 
 
अनुवाद
परन्तु हमने सुना है कि आन्तरिक फूट के कारण वे सब नष्ट हो गये। तत्पश्चात् उसी कन्या के गर्भ से विद्वान पुरुरवा का जन्म हुआ।
 
But we have heard that due to internal divisions they were all destroyed. Thereafter the learned Pururava was born from the womb of the same girl.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)