Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.74.d9-3: वैशम्पायनजी कहते हैं - इन्द्रादि देवताओं के ये वचन सुनकर कण्व के आश्रम में रहने वाले सभी महर्षि कण्व की पुत्री शकुन्तला के सौभाग्य की प्रशंसा करने लगे। यह सब सुनकर शकुन्तला भी अत्यन्त प्रसन्न हुई। पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ कण्व ने ऋषियों में से ब्राह्मणों को बुलाकर उनका पूर्ण आदर-सत्कार करके उस बालक का जातकर्म आदि संस्कार सम्पन्न किया। वह बुद्धिमान बालक प्रतिदिन बढ़ने लगा। 3॥   |   mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक d9-3
 
 
श्लोक  1.74.d9-3 
वैशम्पायन उवाच
देवतानां वच: श्रुत्वा कण्वाश्रमनिवासिन:।
सभाजयन्त कण्वस्य सुतां सर्वे महर्षय:॥
शकुन्तला च तच्छ्रुत्वा परं हर्षमवाप सा।
द्विजानाहूय मुनिभि: सत्कृत्य च महायशा:॥ )
जातकर्मादिसंस्कारं कण्व: पुण्यकृतां वर:।
विधिवत् कारयामास वर्धमानस्य धीमत:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - इन्द्रादि देवताओं के ये वचन सुनकर कण्व के आश्रम में रहने वाले सभी महर्षि कण्व की पुत्री शकुन्तला के सौभाग्य की प्रशंसा करने लगे। यह सब सुनकर शकुन्तला भी अत्यन्त प्रसन्न हुई। पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ कण्व ने ऋषियों में से ब्राह्मणों को बुलाकर उनका पूर्ण आदर-सत्कार करके उस बालक का जातकर्म आदि संस्कार सम्पन्न किया। वह बुद्धिमान बालक प्रतिदिन बढ़ने लगा। 3॥
 
Vaishampayanji says - Hearing these words of Indradi gods, all the great sages living in Kanva's ashram started praising the good fortune of Kanva's daughter Shakuntala. Shakuntala also felt very happy after hearing all this. Kanva, the most famous among the virtuous, called the Brahmins from the sages and after giving them full respect, performed the rituals of caste ceremony etc. of the child. That intelligent child started growing every day. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)