Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.74.d55: 'पत्नी हमारी अर्धांगिनी है, ऐसा श्रुतिका का कथन है। वह धन, प्रजा, शरीर, सांसारिक यात्रा, धर्म, स्वर्ग, ऋषि और पितरों की रक्षा करती है।'   |   mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक d55
 
 
श्लोक  1.74.d55 
(आत्मनोऽर्धमिति श्रौतं सा रक्षति धनं प्रजा:।
शरीरं लोकयात्रां वै धर्मं स्वर्गमृषीन् पितॄन्॥ )
 
 
अनुवाद
'पत्नी हमारी अर्धांगिनी है, ऐसा श्रुतिका का कथन है। वह धन, प्रजा, शरीर, सांसारिक यात्रा, धर्म, स्वर्ग, ऋषि और पितरों की रक्षा करती है।'
 
‘Wife is our other half, this is the saying of Shrutika. She protects wealth, subjects, body, worldly journey, religion, heaven, sages and ancestors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)