Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.d27: वैशम्पायन कहते हैं - अपनी पुत्री से ऐसा कहकर महर्षि कण्व ने उसके पुत्र भरत को दोनों भुजाओं में पकड़कर गोद में ले लिया और उसका माथा सूंघकर कहा। | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं - अपनी पुत्री से ऐसा कहकर महर्षि कण्व ने उसके पुत्र भरत को दोनों भुजाओं में पकड़कर गोद में ले लिया और उसका माथा सूंघकर कहा।
Vaishmpayana says - Having said this to his daughter, Maharishi Kanva held her son Bharat in both his arms and took him in his arms and after smelling his forehead said.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥