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mahabharat 1.74.99: मनुजी ने कुल पाँच प्रकार के पुत्र बताये हैं - एक अपनी पत्नी से उत्पन्न, एक अन्य स्त्रियों से प्राप्त, एक खरीदा हुआ, एक पाला हुआ और एक उपनयन संस्कार द्वारा सुसंस्कृत आदि।   |   mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  1.74.99 
स्वपत्नीप्रभवान् पञ्च लब्धान् क्रीतान् विवर्धितान्।
कृतानन्यासु चोत्पन्नान् पुत्रान् वै मनुरब्रवीत्॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
मनुजी ने कुल पाँच प्रकार के पुत्र बताये हैं - एक अपनी पत्नी से उत्पन्न, एक अन्य स्त्रियों से प्राप्त, एक खरीदा हुआ, एक पाला हुआ और एक उपनयन संस्कार द्वारा सुसंस्कृत आदि।
 
Manuji has described five types of sons in all - one born from one's own wife, one obtained from other women, one bought, one nurtured and one cultured by Upanayana etc.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)