Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.91: परंतु विद्वान् पुरुष दूसरे वक्ताओं के अच्छे-बुरे वचनों को सुनकर उनमें से केवल गुणवाचक वचनों को ही ग्रहण करता है, जैसे हंस जल को त्यागकर केवल दूध ग्रहण करता है ॥91॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परंतु विद्वान् पुरुष दूसरे वक्ताओं के अच्छे-बुरे वचनों को सुनकर उनमें से केवल गुणवाचक वचनों को ही ग्रहण करता है, जैसे हंस जल को त्यागकर केवल दूध ग्रहण करता है ॥91॥
But a learned man, after listening to the good and bad words of other speakers, adopts only the meritorious words from them, just like a swan abandons water and takes only milk. ॥91॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥