Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.90: मूर्ख मनुष्य दूसरों की कही हुई अच्छी-बुरी बातें सुनता है और उनकी बुरी बातों को ही ग्रहण करता है; जैसे सूअर अन्य वस्तुओं के रहते हुए भी मल को ही अपना आहार बना लेता है॥ 90॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मूर्ख मनुष्य दूसरों की कही हुई अच्छी-बुरी बातें सुनता है और उनकी बुरी बातों को ही ग्रहण करता है; जैसे सूअर अन्य वस्तुओं के रहते हुए भी मल को ही अपना आहार बना लेता है॥ 90॥
A foolish man listens to the good and bad things said by other people and accepts only the bad things from them; just like a pig makes faeces its food even when other things are available.॥ 90॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥