Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.65: 'यह बालक तुम्हारे शरीर के अंगों से उत्पन्न हुआ है, मानो एक पुरुष ने दूसरे को जन्म दिया हो। इस पुत्र को, जो तुम्हारा दूसरा प्राण है, स्वच्छ सरोवर में प्रतिबिम्ब के समान देखो।' 65. | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यह बालक तुम्हारे शरीर के अंगों से उत्पन्न हुआ है, मानो एक पुरुष ने दूसरे को जन्म दिया हो। इस पुत्र को, जो तुम्हारा दूसरा प्राण है, स्वच्छ सरोवर में प्रतिबिम्ब के समान देखो।' 65.
‘This child has been born from your body parts, as if one man has given birth to another. See this son, who is your second soul, like a reflection in a clear lake. 65.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥