Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.59-60: 'हे शत्रुओं का दमन करने वाले राजन! मैंने पूरे तीन वर्ष तक अपने गर्भ में धारण करके आपके इस पुत्र को जन्म दिया है। यह आपके शोक का नाश करने वाला होगा। पौरव! पूर्वकाल में जब मैं सौर में था, तब आकाशवाणी हुई थी कि यह बालक सौ अश्वमेध यज्ञ करने वाला होगा।' 59-60. | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'हे शत्रुओं का दमन करने वाले राजन! मैंने पूरे तीन वर्ष तक अपने गर्भ में धारण करके आपके इस पुत्र को जन्म दिया है। यह आपके शोक का नाश करने वाला होगा। पौरव! पूर्वकाल में जब मैं सौर में था, तब आकाशवाणी हुई थी कि यह बालक सौ अश्वमेध यज्ञ करने वाला होगा।' 59-60.
'O King who suppresses enemies! I have given birth to this son of yours after carrying him in my womb for three full years. He will be the destroyer of your grief. Paurava! Earlier when I was in Saur, a voice from the sky had told me that this child will be the one to perform hundred Ashwamedha Yagyas. 59-60.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥