Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.47: 'राजन्! इसीलिए सभी के लिए सुयोग्य स्त्री से विवाह करना वांछनीय है; क्योंकि पति अपनी पतिव्रता पत्नी को इस लोक में ही नहीं, परलोक में भी पाता है। 4 7॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'राजन्! इसीलिए सभी के लिए सुयोग्य स्त्री से विवाह करना वांछनीय है; क्योंकि पति अपनी पतिव्रता पत्नी को इस लोक में ही नहीं, परलोक में भी पाता है। 4 7॥
'King! That is why it is desirable for everyone to marry a well-to-do woman; Because the husband not only finds his devoted wife in this world but also finds her in the next world. 4 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥