Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.44: यदि कोई पुरुष अपनी पत्नी के साथ विदेश यात्रा करता है, तो वह घने जंगलों में भी विश्राम पा सकता है और सुखपूर्वक रह सकता है। सार्वजनिक व्यवहार में भी सभी लोग पत्नी वाले व्यक्ति पर विश्वास करते हैं। इसलिए पत्नी ही पुरुष के लिए सर्वोत्तम स्थान है॥ 44॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई पुरुष अपनी पत्नी के साथ विदेश यात्रा करता है, तो वह घने जंगलों में भी विश्राम पा सकता है और सुखपूर्वक रह सकता है। सार्वजनिक व्यवहार में भी सभी लोग पत्नी वाले व्यक्ति पर विश्वास करते हैं। इसलिए पत्नी ही पुरुष के लिए सर्वोत्तम स्थान है॥ 44॥
‘If a man travelling abroad is accompanied by his wife, he can find rest even in the densest of forests and live comfortably. In public dealings also, everyone trusts the person who has a wife. That is why a wife is the best destination for a man.॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥