Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.42: 'जिनके पास पत्नियाँ हैं, वे ही यज्ञ आदि कर्म कर सकते हैं। जिनकी पत्नियाँ हैं, वे ही सच्चे गृहस्थ हैं। पत्नियाँ वाले पुरुष सुखी और संतुष्ट रहते हैं और जो पत्नियाँ हैं, वे लक्ष्मी से युक्त होते हैं (क्योंकि पत्नी घर की लक्ष्मी है)॥ 42॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जिनके पास पत्नियाँ हैं, वे ही यज्ञ आदि कर्म कर सकते हैं। जिनकी पत्नियाँ हैं, वे ही सच्चे गृहस्थ हैं। पत्नियाँ वाले पुरुष सुखी और संतुष्ट रहते हैं और जो पत्नियाँ हैं, वे लक्ष्मी से युक्त होते हैं (क्योंकि पत्नी घर की लक्ष्मी है)॥ 42॥
‘Only those who have wives can perform rituals like yajna etc. Only those who have wives are true householders. Men with wives remain happy and content and those who are blessed with wives are blessed with Lakshmi (because wife is the Lakshmi of the house).॥ 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥