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mahabharat 1.74.4: वह श्वेत वर्ण का था, उसके दाँत तीखे थे। उसका शरीर सिंह के समान सुडौल था। वह लम्बा-चौड़ा था। उसके हाथों में चक्र का चिह्न था। वह अत्यंत सुंदर, विशाल सिर वाला और अत्यंत बलवान था।   |   mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.74.4 
दन्तै: शुक्लै: शिखरिभि: सिंहसंहननो महान्।
चक्राङ्कितकर: श्रीमान् महामूर्धा महाबल:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
वह श्वेत वर्ण का था, उसके दाँत तीखे थे। उसका शरीर सिंह के समान सुडौल था। वह लम्बा-चौड़ा था। उसके हाथों में चक्र का चिह्न था। वह अत्यंत सुंदर, विशाल सिर वाला और अत्यंत बलवान था।
 
He was white in colour and had sharp teeth. His body was built like a lion. He was tall. He had the symbol of a discus on his hands. He was extremely handsome, had a huge head and was extremely strong.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)