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mahabharat 1.74.26: इस विषय में क्या सत्य है और क्या असत्य, यह तो तुम्हारा हृदय ही जानेगा। उसे साक्षी मानकर, हृदय पर हाथ रखकर, जो सत्य होगा, वही बोलो। अपनी आत्मा की उपेक्षा मत करो।॥26॥   |   mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.74.26 
अत्र ते हृदयं वेद सत्यस्यैवानृतस्य च।
कल्याणं वद साक्ष्येण माऽऽत्मानमवमन्यथा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
इस विषय में क्या सत्य है और क्या असत्य, यह तो तुम्हारा हृदय ही जानेगा। उसे साक्षी मानकर, हृदय पर हाथ रखकर, जो सत्य होगा, वही बोलो। अपनी आत्मा की उपेक्षा मत करो।॥26॥
 
‘What is true and what is false in this matter, only your heart will know this. Taking it as witness, keeping your hand on your heart, tell the truth, which will be good for you. Do not ignore your soul.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)