Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.19: शकुन्तला के ये वचन सुनकर राजा दुष्यंत ने सब कुछ स्मरण रखते हुए भी उससे इस प्रकार कहा - 'दुष्ट तपस्वी! मुझे कुछ भी स्मरण नहीं है। तुम किसकी पत्नी हो?॥19॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शकुन्तला के ये वचन सुनकर राजा दुष्यंत ने सब कुछ स्मरण रखते हुए भी उससे इस प्रकार कहा - 'दुष्ट तपस्वी! मुझे कुछ भी स्मरण नहीं है। तुम किसकी पत्नी हो?॥19॥
After hearing these words of Shakuntala, King Dushyant, despite remembering everything, said to her like this - 'Evil ascetic! I do not remember anything. Whose wife are you?॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥