Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.17: राजा! यह आपका पुत्र है। आप इसे युवराज का पद प्रदान करें। महाराज! यह देवतुल्य पुत्र आपके द्वारा मेरे गर्भ से उत्पन्न हुआ है। पुरुषोत्तम! इसके लिए आपने मुझसे जो शर्त रखी है, उसे पूरा करें॥ 17॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! यह आपका पुत्र है। आप इसे युवराज का पद प्रदान करें। महाराज! यह देवतुल्य पुत्र आपके द्वारा मेरे गर्भ से उत्पन्न हुआ है। पुरुषोत्तम! इसके लिए आपने मुझसे जो शर्त रखी है, उसे पूरा करें॥ 17॥
King! This is your son. You should crown him as the crown prince. Maharaj! This son like a god was born from my womb by you. Purushottam! For this, fulfill the condition you have made with me.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥