Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.14: तत्पश्चात् सुन्दर भौंहों वाली शकुन्तला अपने कमल के समान नेत्रों वाले दिव्य बालक के समान तेजस्वी पुत्र को साथ लेकर अपने परिचित आश्रम को छोड़कर राजा दुष्यंत के पास आई। | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् सुन्दर भौंहों वाली शकुन्तला अपने कमल के समान नेत्रों वाले दिव्य बालक के समान तेजस्वी पुत्र को साथ लेकर अपने परिचित आश्रम को छोड़कर राजा दुष्यंत के पास आई।
Thereafter Shakuntala, the one with beautiful eyebrows, taking along with her radiant son who looked like a celestial boy with eyes like lotus, left her familiar hermitage and came to King Dushyant.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥