Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.74.131: भरत के कारण ही इस भूभाग का नाम भरत (या भारती, प्रस्तावना) पड़ा। उन्हीं के कारण कौरव वंश भरत वंश के नाम से प्रसिद्ध हुआ। उनके बाद, उससे पहले और आज भी उस वंश में जो राजा हुए, वे भरत (भरतवंशी) कहलाते हैं।॥131॥   |   mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 131
 
 
श्लोक  1.74.131 
भरताद् भारती कीर्तिर्येनेदं भारतं कुलम्।
अपरे ये च पूर्वे वै भारता इति विश्रुता:॥ १३१॥
 
 
अनुवाद
भरत के कारण ही इस भूभाग का नाम भरत (या भारती, प्रस्तावना) पड़ा। उन्हीं के कारण कौरव वंश भरत वंश के नाम से प्रसिद्ध हुआ। उनके बाद, उससे पहले और आज भी उस वंश में जो राजा हुए, वे भरत (भरतवंशी) कहलाते हैं।॥131॥
 
It was because of Bharata that this landmass was named Bharata (or Bharati, the preamble). It was because of him that the Kaurava dynasty became famous as the Bharata dynasty. After him, the kings who were in that clan before and even today are called Bharata (Bharatvanshi).॥131॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)