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mahabharat 1.74.128: उसने समस्त राजाओं को जीतकर उन्हें अपनी प्रजा बनाया और धर्मात्माओं के धर्म का पालन करते हुए महान यश अर्जित किया ॥128॥   |   mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्‍भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक  »  श्लोक 128
 
 
श्लोक  1.74.128 
स विजित्य महीपालांश्चकार वशवर्तिन:।
चचार च सतां धर्मं प्राप चानुत्तमं यश:॥ १२८॥
 
 
अनुवाद
उसने समस्त राजाओं को जीतकर उन्हें अपनी प्रजा बनाया और धर्मात्माओं के धर्म का पालन करते हुए महान यश अर्जित किया ॥128॥
 
He conquered all the kings and made them his subjects and followed the religion of the virtuous and earned great fame.॥ 128॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)