Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.122: देवि! मैंने तुम्हारे साथ जो विवाह-संबंध स्थापित किया था, वह सर्वसाधारण को ज्ञात नहीं था। अतः मैंने तुम्हारी शुद्धि के लिए ही यह उपाय सोचा था॥122॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवि! मैंने तुम्हारे साथ जो विवाह-संबंध स्थापित किया था, वह सर्वसाधारण को ज्ञात नहीं था। अतः मैंने तुम्हारी शुद्धि के लिए ही यह उपाय सोचा था॥122॥
Devi! The marriage relation that I had established with you was not known to the general public. Therefore, I had thought of this method only for your purification.॥ 122॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥