Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.120: और उसका सिर सूँघकर बड़े स्नेह से उसे गले लगा लिया । उस समय ब्राह्मणों ने उसे आशीर्वाद दिया और बंदीगण उसकी स्तुति गाने लगे । राजा को अपने पुत्र के स्पर्श से परम आनंद का अनुभव हुआ ॥120॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
और उसका सिर सूँघकर बड़े स्नेह से उसे गले लगा लिया । उस समय ब्राह्मणों ने उसे आशीर्वाद दिया और बंदीगण उसकी स्तुति गाने लगे । राजा को अपने पुत्र के स्पर्श से परम आनंद का अनुभव हुआ ॥120॥
And smelling his head, he embraced him with great affection. At that time the Brahmins blessed him and the prisoners sang his praises. The king experienced the utmost joy arising from the touch of his son.॥120॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥