Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.113: अतः हे राजा दुष्यंत! आप शकुन्तला से उत्पन्न अपने पुत्र का पालन-पोषण करें। अपने जीवित पुत्र को त्यागकर जीवित रहना बड़े दुर्भाग्य की बात है॥113॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः हे राजा दुष्यंत! आप शकुन्तला से उत्पन्न अपने पुत्र का पालन-पोषण करें। अपने जीवित पुत्र को त्यागकर जीवित रहना बड़े दुर्भाग्य की बात है॥113॥
‘Therefore, King Dushyant! You should nurture your son born to Shakuntala. It is a matter of great misfortune to live after abandoning your living son.॥ 113॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥