Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.107: यदि तुम झूठ में आसक्त हो और मेरी बातों पर विश्वास नहीं करते, तो मैं स्वयं ही चला जाऊँगा। तुम जैसे लोगों के साथ रहना मेरे लिए उचित नहीं है॥107॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि तुम झूठ में आसक्त हो और मेरी बातों पर विश्वास नहीं करते, तो मैं स्वयं ही चला जाऊँगा। तुम जैसे लोगों के साथ रहना मेरे लिए उचित नहीं है॥107॥
If you are attached to lies and do not believe in my words, then I will leave on my own. It is not appropriate for me to stay with people like you.॥107॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥