Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.106: राजा! सत्य ही परमेश्वर का स्वरूप है। सत्य ही सबसे बड़ा नियम है। इसलिए महाराज! सत्य का वचन न छोड़ें। सत्य ही आपका जीवन-साथी हो। ॥106॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन् सत्यं परं ब्रह्म सत्यं च समय: पर:।
मा त्याक्षी: समयं राजन् सत्यं संगतमस्तु ते॥ १०६॥
अनुवाद
राजा! सत्य ही परमेश्वर का स्वरूप है। सत्य ही सबसे बड़ा नियम है। इसलिए महाराज! सत्य का वचन न छोड़ें। सत्य ही आपका जीवन-साथी हो। ॥106॥
King! Truth is the form of the Supreme God. Truth is the biggest rule. Therefore, Maharaj! Do not give up your promise of truth. Truth should be your life companion. ॥106॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥