Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.104: राजन! इसमें संदेह है कि समस्त वेदों का अध्ययन और समस्त तीर्थों में स्नान भी सत्य के समान हो सकते हैं (क्योंकि सत्य उनसे श्रेष्ठ है)।॥104॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्ववेदाधिगमनं सर्वतीर्थावगाहनम्।
सत्यं च वचनं राजन् समं वा स्यान्न वा समम्॥ १०४॥
अनुवाद
राजन! इसमें संदेह है कि समस्त वेदों का अध्ययन और समस्त तीर्थों में स्नान भी सत्य के समान हो सकते हैं (क्योंकि सत्य उनसे श्रेष्ठ है)।॥104॥
King! It is doubtful whether the study of all the Vedas and bathing in all the holy places can equal the truth (because truth is superior to them).॥ 104॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥