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अश्वमेधसहस्रं च सत्यं च तुलया धृतम्।
अश्वमेधसहस्राद्धि सत्यमेव विशिष्यते॥ १०३॥
अनुवाद
यदि तराजू के एक पलड़े पर एक हजार अश्वमेध यज्ञ और दूसरी ओर सत्य बोलने का गुण रखा जाए, तो सत्य का पलड़ा एक हजार अश्वमेध यज्ञों से भारी होगा ॥103॥
If a thousand Ashwamedha Yagyas are put on one side of the scale and the virtue of speaking the truth on the other side, then the scale of truth will be heavier than a thousand Ashwamedha Yagyas.॥ 103॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥