Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.101: अतः हे राजाओं में श्रेष्ठ! अपने पुत्र का परित्याग न करें। हे पृथ्वी के स्वामी, हे महान राजा! अपनी आत्मा, सत्य और धर्म का पालन करें और छल का बोझ अपने सिर पर न लें। ॥101॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वं नृपतिशार्दूल पुत्रं न त्यक्तुमर्हसि।
आत्मानं सत्यधर्मौ च पालयन् पृथिवीपते।
नरेन्द्रसिंह कपटं न वोढुं त्वमिहार्हसि॥ १०१॥
अनुवाद
अतः हे राजाओं में श्रेष्ठ! अपने पुत्र का परित्याग न करें। हे पृथ्वी के स्वामी, हे महान राजा! अपनी आत्मा, सत्य और धर्म का पालन करें और छल का बोझ अपने सिर पर न लें। ॥101॥
Therefore, O best of kings, do not abandon your son. O lord of the earth, O great king! Follow your soul, truth and religion and do not take the burden of deceit on your head. ॥101॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥