Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.100: ये सभी पुत्र लोगों को धर्म और यश की प्राप्ति कराते हैं तथा मन की प्रसन्नता बढ़ाते हैं। पुत्र धर्म रूपी नाव का आश्रय लेकर अपने पितरों को नरक से छुड़ाते हैं। 100॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये सभी पुत्र लोगों को धर्म और यश की प्राप्ति कराते हैं तथा मन की प्रसन्नता बढ़ाते हैं। पुत्र धर्म रूपी नाव का आश्रय लेकर अपने पितरों को नरक से छुड़ाते हैं। 100॥
All these sons help people attain religion and fame and increase the happiness of the mind. Sons take shelter in the boat of religion and rescue their ancestors from hell. 100॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥