Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.74.1-2: जनमेजय! तत्पश्चात् पूरे तीन वर्ष बीत जाने पर सुन्दर जंघाओं वाली शकुन्तला ने दुष्यन्त के वीर्य से उत्पन्न हुए एक महापराक्रमी कुमार को जन्म दिया, जो उसके गर्भ से प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी, सुन्दरता, दान आदि से युक्त था। 1-2॥ | mahabharat अध्याय 1.74: शकुन्तलाके पुत्रका जन्म, उसकी अद्भुत शक्ति, पुत्रसहित शकुन्तलाका दुष्यन्तके यहाँ जाना, दुष्यन्त-शकुन्तला-संवाद, आकाशवाणीद्वारा शकुन्तलाकी शुद्धिका समर्थन और भरतका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय! तत्पश्चात् पूरे तीन वर्ष बीत जाने पर सुन्दर जंघाओं वाली शकुन्तला ने दुष्यन्त के वीर्य से उत्पन्न हुए एक महापराक्रमी कुमार को जन्म दिया, जो उसके गर्भ से प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी, सुन्दरता, दान आदि से युक्त था। 1-2॥
Janamejaya! Thereafter, after three full years had passed, Shakuntala, with beautiful thighs, gave birth to an infinitely mighty Kumar who was born from Dushyant's semen, as bright as the fire burning from her womb, full of good looks, generosity, etc. 1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥