Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.73.24: उनके जाने के केवल दो घंटे ही बीते थे कि महर्षि कण्व भी आश्रम पर आ पहुंचे; किन्तु लज्जा के कारण शकुन्तला पहले की भाँति अपने पिता के पास नहीं गयी। | mahabharat अध्याय 1.73: शकुन्तला और दुष्यन्तका गान्धर्व विवाह और महर्षि कण्वके द्वारा उसका अनुमोदन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुहूर्तयाते तस्मिंस्तु कण्वोऽप्याश्रममागमत्।
शकुन्तला च पितरं ह्रिया नोपजगाम तम्॥ २४॥
अनुवाद
उनके जाने के केवल दो घंटे ही बीते थे कि महर्षि कण्व भी आश्रम पर आ पहुंचे; किन्तु लज्जा के कारण शकुन्तला पहले की भाँति अपने पिता के पास नहीं गयी।
Only two hours had passed since his departure when Maharishi Kanva also arrived at the Ashram; but due to shyness Shakuntala did not go near her father as before.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥