Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.73.19-21: 'सुश्रोणि! तुम राजभवन में रहने के योग्य हो। मैं तुमसे यह सत्य कहता हूँ।' ऐसा कहकर राजा दुष्यंत ने शकुन्तला से विवाह किया, जो सदैव प्रसन्न रहती थी और उसके साथ अकेली रहती थी। फिर वे उसे आश्वस्त करके वहाँ से चले गए। जाते समय उन्होंने बार-बार कहा - 'हे निर्मल मुस्कान वाली सुन्दरी! मैं तुम्हारे लिए चतुर्भुज सेना भेजूँगा और उसके साथ तुम्हें अपने राजभवन में बुलाऊँगा।'॥19-21॥ | mahabharat अध्याय 1.73: शकुन्तला और दुष्यन्तका गान्धर्व विवाह और महर्षि कण्वके द्वारा उसका अनुमोदन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा त्वमर्हा सुश्रोणि सत्यमेतद् ब्रवीमि ते।
एवमुक्त्वा स राजर्षिस्तामनिन्दितगामिनीम्॥ १९॥
जग्राह विधिवत् पाणावुवास च तया सह।
विश्वास्य चैनां स प्रायादब्रवीच्च पुन: पुन:॥ २०॥
प्रेषयिष्ये तवार्थाय वाहिनीं चतुरङ्गिणीम्।
तया त्वानाययिष्यामि निवासं स्वं शुचिस्मिते॥ २१॥
अनुवाद
'सुश्रोणि! तुम राजभवन में रहने के योग्य हो। मैं तुमसे यह सत्य कहता हूँ।' ऐसा कहकर राजा दुष्यंत ने शकुन्तला से विवाह किया, जो सदैव प्रसन्न रहती थी और उसके साथ अकेली रहती थी। फिर वे उसे आश्वस्त करके वहाँ से चले गए। जाते समय उन्होंने बार-बार कहा - 'हे निर्मल मुस्कान वाली सुन्दरी! मैं तुम्हारे लिए चतुर्भुज सेना भेजूँगा और उसके साथ तुम्हें अपने राजभवन में बुलाऊँगा।'॥19-21॥
‘Sushroni! You are fit to stay in the royal palace. I am telling you this truth.’ Saying this, King Dushyant married Shakuntala who was always happy and lived alone with her. Then he assured her and left from there. While leaving, he said repeatedly – ‘Beautiful lady with a pure smile! I will send a four-fold army for you and will call you to my royal palace along with it.’॥19-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥